फेफड़ों का कैंसर एक ऐसी स्थिति है जो कोशिकाओं को फेफड़ों में अनियंत्रित रूप से विभाजित करने का कारण बनती है। यह ट्यूमर के विकास का कारण बनती है। जो किसी व्यक्ति की सांस लेने की क्षमता…
सिरोसिस यकृत की कैंसर के बाद सबसे गंभीर बीमारी है, इस बीमारी का इलाज लीवर प्रत्यारोपण के अलावा और कोई नहीं है। इस रोग में यकृत कोशिकाएं बडे पैमाने पर नष्ट हो जाती हैं और…
ल्यूकेमिया ब्लड कैंसर का एक प्रकार होता है! ल्यूकेमिया को क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया या सीएलएल भी कहा जाता है! ल्यूकेमिया होने पर शरीर में खून के अंदर सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या असामान्य रूप से…
फैटी लिवर वह बीमारी है जिसके अंतर्गत लिवर की कोशिकाओं में अधिक मात्रा में फैट जमा हो जाता है। लिवर में वसा की कुछ मात्रा का होना तो सामान्य बात है लेकिन फैटी लिवर बीमारी…
हाइपरथाइरॉयडिज़्म या अतिगलग्रंथिता वह शब्द है जिसका प्रयोग गलग्रंथि (थाइरॉइड) के भीतर के अतिसक्रिय ऊतकों (टिसू) के लिए किया जाता है! जिसकी वजह से गलग्रंथि हार्मोन (थायरोक्सिन या “T4” और/या ट्राईआयोडोथायरोनाइन या “T3”) का आवश्यकता…
पीलिया एक आम विकार हैं, जोकि कई असामान्य चिकित्सा कारणों की वजह से हो सकते हैं। पीलिया होने पर किसी व्यक्ति को सिर दर्द, लो-ग्रेड बुखार, मतली और उल्टी, भूख कम लगना, त्वचा में खुजली…
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसा विकार है जिसमें गर्भाशय की लाइनिंग बनाने वाले ऊतक से मिलता हुआ ऊतक गर्भाशय की गुहा के बाहर विकसित होने लगता है। गर्भाशय की लाइनिंग को एंडोमेट्रियम कहते हैं। जब ओवरी, बाउल…
हेपेटाइटिस जानलेवा बीमारी है, हेपेटाइटिस लीवर में सूजन की समस्या को कहते हैं, हर साल लाखों लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित होते हैं, और हजारों लोग इस रोग से पीड़ित होकर अपनी जान गंवा देते हैं!…