पित्ताशय हटाने की शल्य-चिकित्सा है। यह लाक्षणिक पित्त-पथरियों के इलाज की सबसे आम विधि है। पित्त बढ़ जाने के लक्षण क्या है? बहुत अधिक थकावट, नींद में कमी शरीर में तेज जलन, गर्मी लगना और ज्यादा पसीना आना…
पेट और गर्भाशय में चीरा लगाकर शिशु का जन्म कराने की प्रक्रिया को सिजेरियन-सेक्शन या सी-सेक्शन कहा जाता है! आमतौर पर कॉम्प्लिीकेशंस होने पर सी-सेक्शन डिलीवरी का सहारा लिया जाता है! लेकिन आजकल महिलाएं सामान्य…
बाईपास सर्जरी का पूरा नाम (Coronary Artery Bypass Grafting surgery) है, जिसका तात्पर्य ऐसी सर्जरी है, जिसे मुख्य रूप से हृदय की मांसपेशियों के रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। बाईपास…
ब्लड में उच्च शर्करा का स्तर कई बीमारियों को जन्म दे सकता है। इसका एक गंभीर प्रभाव (Nerve Damage) है। इसे चिकित्सकीय शब्दों में मधुमेह न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy ) के रूप में जाना जाता है।डायबिटिक…
डायबिटिक रेटिनोपैथी एक ऐसी बीमारी है, जो ब्लड शुगर से पीड़ित लोगों की रेटिना यानी आंख के पर्दे को प्रभावित करती है! डायबिटिक रेटिनोपैथी कितने प्रकार की होती है? नॉनप्रोलीफेरेटिव डायबिटिक रेटिनोपैथी प्रोलीफेरेटिव डायबिटिक रेटिनोपैथी…
एंजियोग्राफी की मदद से फेफड़ों में खून के प्रवाह का आकलन करने की कोशिश की जाती है। फ्लोरोसीन एंजियोग्राफी का प्रयोग आँखों के रेटिना से सम्बन्धित समस्याओं के लिये किया जाता है। इसके अलावा किडनी और कोरोनरी की भी एंजियोग्राफी की जाती है। एंजियोग्राफी कितने…